Saturday, April 23, 2011

आज जिन्दगी कि गोद मे फिर सोने को दिल करता हैं.
आज खुशियों मे फिर मुस्कुराने को दिल करता हैं
दिल करता हैं बारिसो में फिर से भींग जाने को
आसमान के बांहों मे पतंग बन उड़ जाने को.
 
पर आज हवाओ मे वो ताजगी कहा रही.
ना बारिसो कि बूंदों में छुपी हैं वो नरमी,
मुस्कानों मे भी कोई खुशी नहीं रही हैं.
ऐसी जिन्दगी से तो मौत कि गोद हि हैं

Wednesday, March 16, 2011

मुस्कान जो बिखेरती हैं ख़ुशी
एक पल मे वो बिखर जाती हैं
जीवन के कुछ ख़ुशी के पल
मेरी आँखे समेट न पाति हैं
जो ख़ुशी आती हैं हाथ मेरे
मेरे हाथो से फिसल जाती हैं

Monday, March 14, 2011

हम अगर ये कहे प्यार होता नहीं.
हम अगर ये कहे हमें होता नहीं.
झूट हमसे कोई फिरभी कहता नहीं.
है दिल मे मुहब्बत हर किसीके लिए
है दिल मे मुहब्बत हर किसीके लिए.
ये किसी एक को, फिरभी मिलता नहीं....

Wednesday, March 2, 2011

हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
आज इस घर मे होती हैं खुशी तो,
कल किसी और के घर मे मिलती हैं,
हम चाहे भी तो ना रूकती हैं ख़ुशी
आती जाती ही हैं खुशी अपने मन से
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
ये खुशी कि भी अजब चाल हैं
कभी किसी अमीर के पैसो मे हो 
कभी किसी गरीब कि रोटी मे खुशी  
विदा होती दुल्हन के रोने मे छिपी
तो रोते बच्चे कि टॉफी मे खुशी.
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
खुशी कि खुशी घर से नहीं होती,
घर के लोंगो मे बसती हैं खुशी |
माँ कि ममता मे खुशी, पिता कि डाट मे,
बहन कि राखी मे खुशी, भाई कि साथ मे,
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
की खुद के मन मे बसी होती हैं खुशी
0(-_-)0

Friday, February 25, 2011

हर ख़ुशी की राह, गम से हो गुजरती हैं
फिर रोना क्यों, जिंदगी चार दिन की हैं
हो खुद पे जो यंकी तुमको,
ख़ुशी मे दो बदल गम को
आसमा हैं, जमी भी हैं
ख़ुशी इनके दर्म्या भी हैं
बस एक चाह को छु लो,
दिल मे एक ख़ुशी बसालो
हर ख़ुशी की राह, गम से हो गुजरती हैं
फिर रोना क्यों, जिंदगी चार दिन की हैं


Keep smiling where you are...
sud o(-_-)o

Friday, October 15, 2010

हम फ़रियाद में उनके, झोली फैलाये रह गए
और फरिस्ते मुहब्बत को, जनाजे मे सजा ले गए
गम के दो आशु भी ना बहा सके थे हम कि,
दरिन्द्दे इस जंहान के हमे भी कफ़न दे गए