Sunday, March 10, 2013

बहादुर लड़की !!!!!

लुट चुकी थी जिसकी आबरू,
आज फिर से लुट रही हैं वो।
बेबस तब थी उसकी रूह,
पर आज कश्मकश में हैं।
लौटना था उससे इंतकाम को,
पैर शर्म से चुओ गयी है।
बहादुर जब उसे बनाना था,
तो लचर बना दी गयी थी वो।
जो अब इंतकाम चाहती है,
तो बहादुरी से लिपटी गयी वो।

Wednesday, March 6, 2013

खामोशी


एक खामोशी सादगी कि,
एक खामोशी बेचारगी की।
एक थी वो बेरुखी की,
एक थी वो प्यार की।
एक खामोशी क्रोध थी,
और खामोशी वार सी।
एक थी सागर सी भरी,
एक थी बंज़र ज़मी।
लब्ज़ के बिना हो खामोशी,
या करोंडो लब्ज़ हो।
शर्म कहती है कही,
तो कही बेशर्म हैं।
एक खामोसी के अन्दर,
जाने कितने दर्द हैं।

Saturday, March 2, 2013

दुआ

गर कर लेता कबुल हर दुआ, तो तुझे पूजता ही क्यों बन्दा।
गर हर ख्वाहिस हो जाती पूरी, तो तुझसे मांगता क्यों बन्दा।
गर कर सकता कुछ खुद से, तो हाथ फैलता क्यों ये बन्दा।
गर रखनी थी इत्ती मजबुरिया, तो बनाया ही क्यों ये बन्दा।

माना कायनात हैं ये तेरी, तो क्यों न खेलेगा तू इससे।
ये जमी तेरी ये आंसमा तेरा, तो रंग क्यों न भरेगा इसमें।
ये दरिया तेरी, ये पर्वत तेरे, तो जन्नत बसाया है इसमें।
पर इन्सा बनाके तूने, दिलो दिमाग दे दिया क्यों इसमें।

तेरी ऐसी बद्शाहत काबुल ना हैं मुझे, तेरे होने की परवाह नहीं।
जो तेरी हैसियत सैता से बढ़के होती, तो परवाह हमें होती नहीं।
तुझे खेलना हो जो बन्दों से जहान के, तेरे बन्दों में मै हूँ नहीं।
तुझे पूजते हैं सभी डर से, सम्मान से, मई तुझे मानता ही नहीं।

Monday, February 18, 2013

हौसला

आज्माले तू ऐ किस्मत, की मुझसे जीत न पायेगा।
चूर कर भी सका मुझको, पर पिघला न पायेगा।
तू खुद मेरे हाथो मे बंधा , मुझसे दूर कहा जायेगा।
जो मेरी मुस्कराहट देखली, तू खुद ही बदल जायेगा।

ना कर तू गुमान खुदपे, तुझे बंद मुट्ठी मे रखते हैं।
जिनके हौसले हो बुलंद, तेरे सामने कहा झुकते हैं।
तक़दीर बनाने वाले की, तक़दीर कहा होती हैं।
कूट चुके जिनके हाथ, क्या उनकी तक़दीर नहीं होती हैं।

Friday, October 12, 2012

और घोटाले कर ले तू

और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 


हम भी अगर नेता होते 
हम भी अगर नेता होते 
नाम हमारा होता बडेरा राहुल
करने को मिलते घोटाले
और मीडिया कहती


और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 



कोई लाता DLF कोयला
और घोटाले कर ले तू 

कितनी प्यारी होती हैं नेता की डगर 
ना नॉकरी की चिंता ना रोटी की फिकर

बेटे दामाद होते हम तो देते सौ हुकुम 
पीछे फिरते मुलायम माया बनके नौकर 

लाख करोडो अरबो खाते और पिजाते दूद्दू 

और मीडिया कहती 
और घोटाले कर ले तू 




हम भी अगर नेता होते 
हम भी अगर नेता होते 
नाम हमारा होता बडेरा राहुल
करने को मिलते घोटाले
और मीडिया कहती


और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 



कैसे कैसे नखरे करते 
दुनियावालो से हम
पल मे हस्ते पल मे रोते 
करते नाक मे दम 
अक्कड़ बक्कड़ लुक्का छुप्पी कभी छुआ छु 
करते दिन भर हल्ला गुल्ला दंगा और दम 
और कभी जिद पैर अड़ जाते जैसे अड़ियल टट्टू


और मीडिया कहती


और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 



हम भी अगर नेता होते 
हम भी अगर नेता होते 
नाम हमारा होता बडेरा राहुल
करने को मिलते घोटाले
और मीडिया कहती


और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 



अब तो हैं ये हाल के जब से कांग्रेस हैं आई 
माँ से झगडा पा से टक्कर बीवी से अनबन 
कोल्हू के हम बैल बने हैं धोबी के कुत्ते 
दुनिया भर के टैक्स हैं सर पे खाए दनादन
नेता अपना होता तो न करते ढेचू ढे चू


और मीडिया कहती
और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 



हम भी अगर नेता होते 
हम भी अगर नेता होते 
नाम हमारा होता बडेरा राहुल
करने को मिलते घोटाले
और मीडिया कहती


और घोटाले कर ले तू 

और घोटाले कर ले तू 

Friday, October 5, 2012

लब्ज़ मेरे ना समझ आये हो,

लब्ज़ मेरे ना समझ आये हो,
तो मेरी खामोसी समझ लेना।
देख मुझे, मै ना समझ आऊं,
तो मेरी परछाई समझ लेना।
मेरा होना अगर समझ आये,
तो मुझे भी ये समझा देना।

परों के होने भर से  कोई उड़ सकता,
तो मुझे भी  उड़ान भरना सिखा देना।
किसी का साथ होना हंसा सके तो,
अकेले मे भी हँसना सिखला देना।
लब्ज़ मेरे ना समझ आये हो,
तो मेरी खामोसी समझ लेना।

Friday, September 21, 2012

जब लब्ज़ नहीं हो कहने को
तो आंखे यूँही बोलती हैं
जब बात नहीं कुछ कहने को
तो आँखे कहानी कहती हैं
हम लाख छुपाये दिल की बाते
पर दिल कहा चुप रहता हैं
लाख छुपाऊ दिल की बात मगर
ये दिल तो शोर मचाता हैं