Monday, August 27, 2012

एक था पार्टी ......


खात्मा.. तेरा मेरा हुआ,
UPA की तरह धुना धुना
खात्मा.. तेरा मेरा हुआ
BJP की तरह रुआं रुआं
होऊ.. जाए जन्हा हम जांए
पाए गाली ही पाए
घोटाले ये मेरे
है तुझसे छुपाये

घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कि.यारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा
घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कियारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा

वोट मिला तोह यूँ हुआ
हो गयी पूरी अधूरी सी दुआ
कुर्सी हया, तो ले गया,
संग तेरे मेरे जीने की हर वजह.
होऊ.. जाए जन्हा हम जांए
पाए गाली ही पाए
घोटाले ये मेरे
है तुझसे छुपाये

घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कियारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा
घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कियारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा

तुमसे मिली, तुमसे बनी,
तुमसे हुआ हैं पार्टियों पे यंकीन
इलेक्शन नहीं, कुर्सी न सही,
पार्टी हो यंहा तो तू है बचता कही
होऊ.. जाए जन्हा हम जांए
पाए गाली ही पाए
घोटाले ये मेरे
है तुझसे छुपाये

घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कियारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा
घोटाला मैं कियारा
घोटाला तू कियारा
चुनावों के जमी मे
मिलेंगे अब यारा

Wednesday, August 22, 2012

VIPACHH KI WANI...

Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Sari, umar, tujhe yehi karna hai
Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Laaaaaa lala la...... laaaaaa lala la..
Ye na jaana duniya ne, tu hain kyo Udaas ,
Terii pyari mummy ne ghotale kiye hai pyaas,
ja mummy ke paas ja, kar jo karna hai,
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Sari, umar, tujhe yehi karna hai...
Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai...
Jab se terii sarkar bangayi hain majboor
Tab se sare longo ke sapane hain choor
AaNkhon mein neend naa, man mein chaina hai,
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Sari, umar, tujhe yehi karna hai....
Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai..
Dekho hum tum dono hain ek Thalii ke Choor
Main na boolaa tune kaise mujhako kaha choor
ja mummy ke paas ja, kar jo karna hai,
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Sari, umar, tujhe yehi karna hai....
Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai..
Anna ke Dhamkiyo se, yuuN Darate nahiin hain
Aise bachake sach se ghotale karte hain
Sukh kii hai chaah to, humko hissa Denaa hai,
Lakho Karodo mein tera ghotala hai
Sari, umar, tujhe yehi karna hai....
Baba ka Anna ka, sabaka kehana hai..

Tuesday, August 14, 2012

करप्सन गान

कर चले थे वो फ़िदा जानो-तन  साथियों.
अब हमारे हवाले सदन साथियों..
महगाई थमती नहीं कीमते बढती गई
फिर भी बढ़ते करप्सन को न रुकने दिया
कट गये सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं
सर मैडम का हमने न झुकने दिया
मरते मरते रहा बाँझपन साथियों... अब हमारे हवाले सदन साथियों
कर चले थे वो फ़िदा जानो-तन  साथियों.
अब हमारे हवाले सदन साथियों..
छुपे रहने के मौसम बहुत हैं मगर
लूट लेने की रुत रोज़ आती नहीं
हुस्न और पैसे दोनों को लुटा करे
वो जवानी जो दारू में नहाती नहीं
बाँध लो अपने सर पर कफ़न साथियों..., अब हमारे हवाले सदन साथियों
कर चले थे वो फ़िदा जानो-तन  साथियों.
अब हमारे हवाले सदन साथियों..
राह बैमानियो की न वीरान हो
तुम बनाते ही रहना नये मनसूबे
फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है
मैडम अंग्रेजो से मिल रही है गले
आज आजादी बनी है मैडम साथियों, अब तुम्हारे हवाले सदन साथियों
कर चले थे वो फ़िदा जानो-तन  साथियों.
अब हमारे हवाले सदन साथियों..
खींच दो अपने जुंबा से मीडिया पर लकीर
इस तरफ़ आने पाये न अन्ना कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छूने पाये न मैडम का दामन कोई
कसाब भी तुम तुम्हीं लादेन साथियों, अब तुम्हारे हवाले सदन साथियों
कर चले थे वो फ़िदा जानो-तन  साथियों.
अब हमारे हवाले सदन साथियों..

Saturday, July 21, 2012


हर गम को भूल जाना , मैंने मुनासिब समझा, 
हर राह पे चलना , मैंने मुनासिब समझा,
हर इन्सान को परखना, मैंने मुनासिब समझा,
पर न समझा की, मेरे लिए मुनासिब क्या था।
गम होते हैं तो, खुशिया भी मिल जाती हैं.
हर राह की भी, कोई मंजिल बन जाती हैं।
इन्सान एक गलत हो तो, सही बन जाता हैं।
पर खुद में क्या गलत हैं, सवाल बन जाता हैं।

Sunday, July 15, 2012

हम अक्सर अकेले बैठे रहते हैं ,
और तन्हायिया साथ देने आ जाती हैं.
हम तो उनका बस ख्याल करते हैं,
यादे तो उनकी बस युही आ जाती हैं.
ना देखते हैं तश्वीर उनकी फिर भी,
उनका चेहरा आखो मे चला आता हैं,
प्यार तो वो हमे बहुत करते हैं,
पर दूरिय हैं जो कम नहीं होती हैं.

Saturday, July 14, 2012

तेरे आजाने से ज़िन्दगी मे, हमे कुछ पाने कि ख़ुशी हैं,
पर एक डर अबभी हैं मुझमे, तुझसे कही दूर होने कि,
एहसाश हैं, तेरे साथ होने का, पर तुझसे दुरी कम नहीं,
अक्सर अपने अंदर ही देख लेता  हूँ तुझे छु लेने को,
पर खुद को महसूस नहीं कर पता हूँ खुद मे

Wednesday, June 27, 2012

शक्श एक अन्दर घुट के मार जाता
पर आह नहीं निकल पाती फिजा मे
साथ तन्हाई का भी काम नहीं आता
पर साथ किसीका मन नहीं भाता
जाने  क्या दबा इस मन के अन्दर
सुलग रहा जो फूट जाने को
जाने कौन सा तूफान आने वाला हैं