हर जज़्बात अधूरे हैं, तेरे एह्शास के बगैर.
हर लम्हा बस एक वक़्त हैं, तेरे यादो के बिन.
हर घर बस एक ठिकाना हैं, तेरे साथ के बगैर.
हर बात बस एक लब्ज़ हैं, तेरे नाम के बिन...
Friday, March 9, 2012
तेरा साया ढूंडती हैं मेरी निगाहे,
की कही सुकून भरी छांव मिलजाए.
इस जलती हुई दुनिया मे झुलसते हुए,
हमे पानी का एक पड़ाव मिलजाए.
भागती हुए इस शहर मे खो गए,
कोई अपना सा टहलता गाँव मिलजाए
Monday, March 5, 2012
अब हमे तेरी मदहोशी कि आदत सी हो गई हैं,
तेरे बांहों मे सिमट जाने कि चाहत सी हो गयी हैं
जुल्फों मे खो जाने कि हसरत सी हो गयी हैं
तुममे समां जाने कि जरुरत सी हो गयी हैं
हो गयी हैं, हो गयी हैं, हमे तुमसे मुहब्बत हो गयी हैं
Tuesday, January 3, 2012
रात के अँधेरे मे, जब तन्हाइया साथ होती हैं,
मन थोडा उदास, आँखों मे थोड़ी नमी होती हैं,
तो अक्सर दिल से एक सची आवाज निकलती हैं,
जो एक ठंडी आह के साथ दिल मे दफ्न होती हैं.
हम मजबूर दिन के उजाले मे हुआ करते हैं,
पर रात के सपनो मे एक आजाद पंछी हैं,
जो हम ना हो, दुनिया सपनो की वो बन जाती हैं
Thursday, December 29, 2011
हर खुसी को तेरी दरकार हैं,
हर शाम को तेरा इंतजार.
जिंदगी के हर मोड़ पे रुक्के,
हम तेरा करते है इंतजार.
अगर कभी एक ख्याल आता हो,
तो मेरी यादो को करना प्यार.
Monday, December 26, 2011
एक शाम आते आते बाहों में यूँही गुजर गयी
गर्म धुप की एक किरण आँखों मे भुझ गयी
जिन्दगी हमारी तनहा रहना चाहती भी नहीं थी
मगर हमसफ़र ढूंडते सारी जिंदगी उलझ गयी
Saturday, December 17, 2011
हम सोचते नहीं क्यों उनकी, जिनसे हम बेवफाई करते हैं
हम सोचते हैं क्यों उनकी, जो हमसे बेवफाई करते हैं
हम पूछते नहीं क्यों उनको, जिनकी जिन्दगी हमपे होती हैं.
हम पूछते हैं क्यों उनको, जिनसे जिन्दगी हमारी होती हैं.