Monday, May 2, 2011

जमी की कीमत

सपनो की दौड़ मे भी हम उड़ना जानते हैं,
पंखो के साथ भी हम चलना जानते हैं.
हम आसमा की बुलंदियों को छु रहे हो,
फिर भी जमी की कीमत हम जानते हैं.

Thursday, April 28, 2011

क्योकि...जमी पे जीवन हैं,

आसमा के पंख निकल आये,
की सूरज के पास वो ऊड चला |
धरती की प्यास बढ़ गयी,
जो उसका पसीना निकल गया |

जमी पे कोई आढ़ जो ना रहा हैं,
की जमी पे जीवन जो पनप रहा,
ये जीवन ही जमी को खा रहा हैं
पर जमी की भूख को बड़ा रहा
 
 

राह के मुसाफिरों से हमने जाना,
की ये टेडी रहे दूर तलक जाती हैं.
मंजिलो की कोई खबर मिलती नहीं,
और बत्तर मुश्किले भी आती हैं.

एक पल को राह छोड़ना चाहा भी,
पर साथ उनका हम छोड़ देते कैसे.
मुस्किलो को हम झेल लेते खुद भी,
उनके पैरो मे कांटे चुभने देते कैसे.

Saturday, April 23, 2011

आज जिन्दगी कि गोद मे फिर सोने को दिल करता हैं.
आज खुशियों मे फिर मुस्कुराने को दिल करता हैं
दिल करता हैं बारिसो में फिर से भींग जाने को
आसमान के बांहों मे पतंग बन उड़ जाने को.
 
पर आज हवाओ मे वो ताजगी कहा रही.
ना बारिसो कि बूंदों में छुपी हैं वो नरमी,
मुस्कानों मे भी कोई खुशी नहीं रही हैं.
ऐसी जिन्दगी से तो मौत कि गोद हि हैं

Wednesday, March 16, 2011

मुस्कान जो बिखेरती हैं ख़ुशी
एक पल मे वो बिखर जाती हैं
जीवन के कुछ ख़ुशी के पल
मेरी आँखे समेट न पाति हैं
जो ख़ुशी आती हैं हाथ मेरे
मेरे हाथो से फिसल जाती हैं

Monday, March 14, 2011

हम अगर ये कहे प्यार होता नहीं.
हम अगर ये कहे हमें होता नहीं.
झूट हमसे कोई फिरभी कहता नहीं.
है दिल मे मुहब्बत हर किसीके लिए
है दिल मे मुहब्बत हर किसीके लिए.
ये किसी एक को, फिरभी मिलता नहीं....

Wednesday, March 2, 2011

हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
आज इस घर मे होती हैं खुशी तो,
कल किसी और के घर मे मिलती हैं,
हम चाहे भी तो ना रूकती हैं ख़ुशी
आती जाती ही हैं खुशी अपने मन से
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
ये खुशी कि भी अजब चाल हैं
कभी किसी अमीर के पैसो मे हो 
कभी किसी गरीब कि रोटी मे खुशी  
विदा होती दुल्हन के रोने मे छिपी
तो रोते बच्चे कि टॉफी मे खुशी.
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
कि खुशियों का कोई घर होता नहीं,
खुशी कि खुशी घर से नहीं होती,
घर के लोंगो मे बसती हैं खुशी |
माँ कि ममता मे खुशी, पिता कि डाट मे,
बहन कि राखी मे खुशी, भाई कि साथ मे,
हम जाये कहा खुशियों कि तलाश मे
की खुद के मन मे बसी होती हैं खुशी
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