Tuesday, January 3, 2012

रात के अँधेरे मे, जब तन्हाइया साथ होती हैं,
मन थोडा उदास, आँखों मे थोड़ी नमी होती हैं,
तो अक्सर दिल से एक सची आवाज निकलती हैं,
जो एक ठंडी आह के साथ दिल मे दफ्न होती हैं.
हम मजबूर दिन के उजाले मे हुआ करते हैं,
पर रात के सपनो मे एक आजाद पंछी हैं,
जो हम ना हो, दुनिया सपनो की वो बन जाती हैं

Thursday, December 29, 2011

हर खुसी को तेरी दरकार हैं,
हर शाम को तेरा इंतजार.
जिंदगी के हर मोड़ पे रुक्के,
हम तेरा करते है इंतजार.
अगर कभी एक ख्याल आता हो,
तो मेरी यादो को करना प्यार.

Monday, December 26, 2011

एक शाम आते आते बाहों में यूँही गुजर गयी
गर्म धुप की एक किरण आँखों मे भुझ गयी
जिन्दगी हमारी तनहा रहना चाहती भी नहीं थी
मगर हमसफ़र ढूंडते सारी जिंदगी उलझ गयी

Saturday, December 17, 2011

हम सोचते नहीं क्यों उनकी, जिनसे हम बेवफाई करते हैं
हम सोचते हैं क्यों उनकी, जो हमसे बेवफाई करते हैं
हम पूछते नहीं क्यों उनको, जिनकी जिन्दगी हमपे होती हैं.
हम पूछते हैं क्यों उनको, जिनसे जिन्दगी हमारी होती हैं.

.......

Thursday, December 15, 2011

कुछ कुछ

कुछ हम कहे आपसे, कुछ आप ना कहे .
कुछ हम चले साथ, कुछ आप ना चले .
कुछ हम ना माने, कुछ आपने माना.
कुछ हम ना चाहे, कुछ आपने चाहा .
इस कुछ कुछ के चक्कर में हम थे
वरना कुछ कुछ होना था हमारे बीच

Monday, November 28, 2011

एक समंदर डूब गया, पानी की एक प्याले मे.
आसमा सारा सिमट गया, स्याही की एक बूंद में.
राख हुआ जा रहा जल, अपने पापो से जल जल के
धरती का छोर मिला, हाथ रह गए हम मल मल के........

Monday, October 3, 2011

धड़कन सुना रही है सच,
पर दिल मे कोई आह नहीं हैं.
मंजिल की तस्वीर देखी थी,
पर उसकी कोई राह नहीं हैं.
आवाजो मे धिक्कार भरी थी,
पर सुनने को कान नहीं हैं.
बदले की आवाज कुचल्दो
ये खुदका सम्मान नहीं हैं.
ज़ंजीरो में बंधा न था मै,
पर मै खुद मै अज्जाद नहीं हैं
तन मन की एक प्यास जगी थी पर
भुझ जाने को संसार खड़ी हैं
लगने को तो ठेश बहुत सी
पर मरने को जान नहीं हैं
मिला था सबका प्यार बहुत तो,
पर मिलाने को आँख नहीं हैं.