Tuesday, July 5, 2011

अगर तू हँस रहा तो, ये दुनिया हंस पड़ेगी|
अगर तू रो पड़ा तो, ये तुझपे हँसेगी |
तू करले मुट्ठी मे दुनिया, तो ये तेरी सुनेगी 
जो इससे डर गया तू, ये तुझको डसलेगी |
 
किसे तू अपना कहेगा, किसका तू अपना ही होगा
सोचे तो सब तेरे अपने, दुनिया मे तू हैं सबका
 
 

Saturday, June 25, 2011

हम उनके हुस्न के नशे मे चूर थे,
वो चुपके से आके दिल चुरा ले गए...
जब देखा हमारा प्यार उस दिल मे,
मुस्कुराके वो, दिल से खेलते रह गए...


ये दिल न जाने क्यों भूलजाता,
दिल को हैं जो  यु  लुभाता,
वो जो मेरे न पास आता,
दिल को  वो हैं बस जलाता,
बेवफा वो हैं कहलाता .....  हाआआआआ .
मंजिल मुझे मिल गयी मेरी, पर रस्ते मेरे खो गए.
खुशिया तो मुझे मिली बहुत, पर मुस्कराहट कही खो गयी
कही सपनों के पास, कही हकीकत से दूर
हर वक़्त तेरे साथ मै खुसी दुन्ड़ता रहा
मेरी ख्वाहिस के पास, मेरी किस्मत से दूर.
हर वक़्त तुझे मै अपना समझता रहा......

Thursday, May 12, 2011

दोस्त

यूँ बन्धनों मे बाँध के, खुद को छुपा पाओगे नहीं.
तन्हा होगे जब भी कही, दोस्तों को बुला पाओगे नहीं.
साथ रहेगा भले कोई तेरे, साथ हमारा भूल पाओगे नहीं.
ज़ख्म गहरा कितना भी  हो, मर्हम भरे हाथ याद आयेगे सभी.
 
 तुम्हारा दोस्त....

Monday, May 2, 2011

जमी की कीमत

सपनो की दौड़ मे भी हम उड़ना जानते हैं,
पंखो के साथ भी हम चलना जानते हैं.
हम आसमा की बुलंदियों को छु रहे हो,
फिर भी जमी की कीमत हम जानते हैं.

Thursday, April 28, 2011

क्योकि...जमी पे जीवन हैं,

आसमा के पंख निकल आये,
की सूरज के पास वो ऊड चला |
धरती की प्यास बढ़ गयी,
जो उसका पसीना निकल गया |

जमी पे कोई आढ़ जो ना रहा हैं,
की जमी पे जीवन जो पनप रहा,
ये जीवन ही जमी को खा रहा हैं
पर जमी की भूख को बड़ा रहा
 
 

राह के मुसाफिरों से हमने जाना,
की ये टेडी रहे दूर तलक जाती हैं.
मंजिलो की कोई खबर मिलती नहीं,
और बत्तर मुश्किले भी आती हैं.

एक पल को राह छोड़ना चाहा भी,
पर साथ उनका हम छोड़ देते कैसे.
मुस्किलो को हम झेल लेते खुद भी,
उनके पैरो मे कांटे चुभने देते कैसे.