मन क्या कहता
Saturday, July 14, 2012
तेरे आजाने से ज़िन्दगी मे, हमे कुछ पाने कि ख़ुशी हैं,
पर एक डर अबभी हैं मुझमे, तुझसे कही दूर होने कि,
एहसाश हैं, तेरे साथ होने का, पर तुझसे दुरी कम नहीं,
अक्सर अपने अंदर ही देख लेता हूँ तुझे छु लेने को,
पर खुद को महसूस नहीं कर पता हूँ खुद मे
Wednesday, June 27, 2012
शक्श एक अन्दर घुट के मार जाता
पर आह नहीं निकल पाती फिजा मे
साथ तन्हाई का भी काम नहीं आता
पर साथ किसीका मन नहीं भाता
जाने क्या दबा इस मन के अन्दर
सुलग रहा जो फूट जाने को
जाने कौन सा तूफान आने वाला हैं
Wednesday, May 30, 2012
कोई हमसे करके फरियाद, हमारी फरियाद बन गया हैं,
कोई करके हमसे प्यार, हमारा प्यार बन गया हैं,
जिंदगी ना थी इत्ती आसन, पर कोई साथ बन गया हैं,
हम करे लाख जतन ना देखे, पर कोई नज़रो का ख्वाब बन गया हैं|
Thursday, May 17, 2012
एहमियत
साहिल कि एहमियत हैं दरिया के सामने.
राहों कि एहमियत हैं मंजिलो के सामने.
छांव कि एहमियत हैं धूप के सामने.
वैसे मेरी एहमियत हैं तेरे सामने
Friday, May 11, 2012
"मै"
"मै" ही सत्य, "मै" ही असत्य
"मै" ही पूरा, "मै" ही अधुरा
"मै" ही सबकुछ, "मै" कुछना
"मै" मे मै, "मै" ही हमसब
Wednesday, April 11, 2012
ना जाना था मंदिर, ना जाना था मस्जिद.
तुमने मुझे बताया, क्या इन सबका मतलब.
ना समझा था सरहद, ना समझा था देश.
सबने मुझे बताया, क्या इन सबका मतलब.
हममे तुममे क्या हैं, जो उनमे भी ना था,
फर्क देखना हमको, तुमने सझाया था.
Tuesday, April 10, 2012
रफ़्तार नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
ठहराव नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
पड़ाव नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
कही खो गयी थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
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