रफ़्तार नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
ठहराव नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
पड़ाव नहीं थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
कही खो गयी थी जिंदगी, की तुम मिल गए.
Friday, March 30, 2012
नही रहते वो करीब अक्सर, तो दिल मे देख लेते हैं उनको.
रहते हैं कभी वो खफा, तो चुप हम देख लेते हैं उनको.
खयाल नही रहता खुदका, तो खयालो मे सोच लेते हैं उनको.
रखते उनकी खुशियों का खयाल, तो भी बुरा लगता हैं उनको
Wednesday, March 21, 2012
हर जज़्बात अधूरे हैं, तेरे एह्शास के बगैर.
हर लम्हा बस एक वक़्त हैं, तेरे यादो के बिन.
हर घर बस एक ठिकाना हैं, तेरे साथ के बगैर.
हर बात बस एक लब्ज़ हैं, तेरे नाम के बिन...
Friday, March 9, 2012
तेरा साया ढूंडती हैं मेरी निगाहे,
की कही सुकून भरी छांव मिलजाए.
इस जलती हुई दुनिया मे झुलसते हुए,
हमे पानी का एक पड़ाव मिलजाए.
भागती हुए इस शहर मे खो गए,
कोई अपना सा टहलता गाँव मिलजाए
Monday, March 5, 2012
अब हमे तेरी मदहोशी कि आदत सी हो गई हैं,
तेरे बांहों मे सिमट जाने कि चाहत सी हो गयी हैं
जुल्फों मे खो जाने कि हसरत सी हो गयी हैं
तुममे समां जाने कि जरुरत सी हो गयी हैं
हो गयी हैं, हो गयी हैं, हमे तुमसे मुहब्बत हो गयी हैं